Chapter 6 लौहकारी या फोर्जिंग Blacksmithy or Forging [1]

What is forging in workshop
What is a forge used for?

परिचय Introduction

जी श्री धात को प्लास्टिक अवस्था (plastic stage) तक गर्म करके खान (pressure) डालकर विरूपण (deformation) करने की प्रकिया। सेजिंग (forging) कहते हैं। बड़े आकार के जॉब को डिफॉर्म (deform | करने के लिए पावर हैमर (power hammer), ड्रॉप हेमर (drop hammer) | या फोजिंग मशीन का प्रयोग फोर्जिंग कहलाता है। फोजिंग द्वारा प्राप्त ब्लैंक। Manks) पर कोई भी मशीनिंग प्रक्रिया आसानी से की जा सकती है।।

फोर्ज Forge

लौहकारी या फोर्जिंग शॉप की मुख्य आवश्यकता जॉब को गर्म करने के लिए भट्ठी होती है। ये जॉब के साइज के अनुसार कई मापों में बनाई जा सकती हैं। इस भट्ठी को ही हम फोर्ज कहते हैं।

ईधन Fuels ईंधन किसे कहते हैं

भट्ठी के अन्दर सभी प्रकार के कोयले; जैसे-लकड़ी का कोयला, पत्थर का कोयला, कोक तथा तेल व गैस आदि का प्रयोग किया जाता है, परन्तु सल्फर तथा फॉस्फोरस रहित कोयला अधिक उपयुक्त ईंधन है।

भट्ठी में प्रयुक्त अवयव
Components Used in Forge

फाजिग प्रक्रम को सफतापूर्वक सम्पन्न करने के लिए निम्न अवयव प्रयोग किए जाते हैं।

ब्लोअर Blower

धन को जलाने के लिए आवश्यक हवा भेजने के लिए ब्लोअर का।प्रयोग किया जाता है। हाथ द्वारा चलाने वाला ब्लोअर प्रत्येक भट्ठी में अलग लगाया जाता है जबकि मोटर द्वारा चलने वाला ब्लोअर बड़े साइज का लगाकर पाइपों के द्वारा कई भट्ठियों को हवा सप्लाई करता है।

रेक Rake

भट्ठी में जब कोयला जल रहा होता है, तो उसे जॉब के ऊपर लगाने या वायर के ऊपर ठीक करने की आवश्यकता पड़ती रहती है, इसके लिए एक सरिये का आगे का भाग पीटकर चौड़ा करके 90° पर मोड़ दिया जाता है। इस । औजार को रेक (rake) कहते हैं।

बेलचा Shovel

भट्ठी में जलाने के लिए कोयले को स्टॉक करना पड़ता है। इसे हैण्डिल करने। के लिए बेलचा (shovel) प्रयोग किया जाता है।

पोकर Poker

भट्ठी में कोयला जलाने पर आपस में चिपक जाता है, जिससे हवा बाहर आनी बन्द हो जाती है तथा भट्ठी ठण्डी पड़ने लगती है। ऐसी अवस्था में कोयले को खोलने के लिए एक पतली छड़ को एक सिरे पर नुकीला बनाकर मोड़ दिया जाता है।

फोर्जिंग के औजार
Tools of Forging

भट्ठी के अलावा स्मिथी शॉप में निम्न प्रकार के औजार प्रयोग किए जाते हैं |

एनविल Anvil

स्मिथी शॉप में जॉब पर विभिन्न प्रक्रियाएँ करने के लिए एक विशेष आकृति। (shape) का उपकरण प्रयोग किया जाता है। इसे एनविल (anvil) कहते हैं। इसकी बॉडी माइल्ड स्टील या रॉट आयरन की कास्टिंग द्वारा बनाई जाती है। बाजार में एनविल 50 किग्रा से 300 किग्रा तक के भार में मिलते हैं, परन्तु 150 किग्रा का एनविल ही अधिक प्रयोग में लाया जाता है।

स्वैज ब्लॉक Swage Block

कास्ट आयरन या कास्ट स्टील के द्वारा कास्टिंग करके बनाया गया दूसरा मुख्य तथा उपकरण स्वैज ब्लॉक (swage block) है। इसमें विभिन्न आकार (size) के विभिन्न आकृति (shape) के होल (hole) बने होते हैं। इन छिद्रों की सहायता से गर्म धात को इन छिद्रों पर रखकर पीटने से, किसी भी आकार की वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं। स्वैज ब्लॉक का प्रयोग ड्रिफ्ट (drift) डालने में किया गया है। बाजार में 25 सेमी से 60 सेमी तक के वर्गाकार स्वैज ब्लॉक उपलब्ध हैं।

A swage block (or swager block) is a large, heavy block of cast iron or steel used in smithing, with variously-sized holes in its face and usually with forms on the sides. The through-holes are of ... As with industrial swage blocks, artistic blocks come in many shapes and sizes; common features are hemispherical and ovoid depressions, asymmetrical curves and non-standard angled

सिंडासियाँ Tongs

भट्ठी में गर्म किए गए पार्ट्स को पकड़ने के लिए माइल्ड स्टील की सिंडासी प्रयोग की जाती है। इसको जॉब की आवश्यकता के अनसार विभिन्न क्षमताआ। का बनाया जाता है। साधारणत: ये 1 सेमी से 6 सेमी तक खलने वाली बनाई जाती हैं। जॉब की आकृति (shape) के अनुसार टाँग के जबड़े (jaws)
विभिन्न आकृतियों के बनाए जाते हैं, जिससे उन्हें सफलतापूर्वक पकड़ा जा सके। क्लोज्ड (closed) माउथ, ओपन माउथ, पिक-अप, हॉलो राउण्ड, हॉलो स्क्वायर तथा एंगिल आयरन प्रमुख सिंडासियाँ हैं।

हैमर Hammer

लुहार (blacksmith) के लिए हैमर सबसे अधिक उपयोगी उपकरण है। इसके बीच में एक छेद होता है जिसे आई (eye) कहते हैं। इसमें एक लकड़ी का हत्था (handle) लगाया जाता है। हैमर हत्थे से बाहर न निकले इसके लिए उसमें एक वैज (wedge) लगा दी जाती है। छोटे हैमरों में शीशम की लकड़ी। के हत्थे डालते हैं जबकि बड़े साइज के हैमरों में बाँस की लकड़ी के हत्थे डाले जाते हैं। लौहकारी में हैण्ड हैमर, पीन हैमर, स्लैज हैमर तथा पावर हैमरों का प्रयोग किया जाता है।

छेनियाँ Chisels

लौहकारी में धातुओं को गर्म अवस्था में काटने के लिए गर्म छेनी एवं धातुओं का ठण्डी अवस्था में काटने के लिए ठण्डी छेनी का प्रयोग किया जाता है। गम। अवस्था में धातुएँ अपना सामर्थ्य खोकर प्लास्टिक अवस्था में आ जाती है, जिन्हें आसानी से काटा जा सकता है लेकिन धातओं को ठण्डी अवस्था में काटने के लिए ठण्डी छेनी की कटिंग एज (cutting edge) तेज एवं कठोर होनी आवश्यक है। साथ ही छेनी में सामर्थ्य भी होनी चाहिए, जिससे कि यह जल्दी ब्लन्ट (blunt) न हो जाएँ। वक्र प्रोफाइल (curve profile) काटने के लिए गाल या गेज चीजल (aauge chisel) का प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसकी कटिंग एज सीधी ना होकर कुछ वृत्ताकार (वक्र) होती है।

हाथ के बल से कटाई करने के प्रसाधनों में छेनियाँ प्रमुख हैं। सीधी छेनियों को चौरासी ( Firmer chisel) और गोल, अधगोल और J आकार की छेनियों को रुखानी (Gouge) कहते हैं। इनकी नोकें और बनावट भिन्न भिन्न प्रकार की होती है। बढ़ई और फिटरों की छेनियाँ .

स्वैज Swage

लौहकारी में जब वर्गाकार, वृत्ताकार या अष्टभुजाकार या अन्य किसी प्रोफाइल के अनुप्रस्थ काट वाले जॉब बनाए जाते हैं, तो वे हैमर की चोट पड़ने के कारण रफ हो जाते हैं। इस सतह को परिष्कृत करने के लिए तथा सही साइज प्रदान करने के लिए स्वैज का प्रयोग किया जाता है। स्वैज एक प्रकार से स्पलिट डाई के समान बना होता है। इसके दो भाग होते हैं लोअर या बॉटम और अपर या टॉप स्वैज।

फुलर Fuller

फलर का प्रयोग किसी जॉब की मोटाई को घटाने के लिए तथा लम्बाई बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह भी दो पीस में बना होता है। एक पीस को एनविल के हार्डी होल में फिट कर देते हैं तथा दूसरे पीस को जॉब के ऊपर रखकर। उसके ऊपर घन की चोट मारते हैं। नीचे वाल पीस को बॉटम फलर – fuller) तथा ऊपर वाले पीस को टॉप फुलर (top fuller) कहते हैं।

फ्लैटर Flatter

जॉब की सतह को ऊपर से फिनिश करने के लिए फ्लेटर का प्रयोग जाता है। यह टल स्टील (tool steel) स बनाया जाता है। यह एक साल तरह का उपकरण है, जिसमें आई बनी होती है तथा उसमें एक कर दिया जाता है। इसके नीचे का भाग फैला हुआ तथा फ्लैट होता है। इसके नीचे की फ्लैट सतह 5 सेमी से 7.5 सेमी वर्गाकार होती है।।

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